सवाईमाधोपुर. ग्राम पंचायत खिलचीपुर ने राजस्थान में कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। यहां शुरू हुई ब्लैक सोल्जर फ्लाई तकनीक से जैविक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा। भोजन के अवशेष, फल-सब्जियों के छिलके और अन्य गीले कचरे को अब लार्वा के माध्यम से तेजी से विघटित कर जैविक खाद और प्रोटीन युक्त पशु आहार में बदला जाएगा। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, बल्कि रणथंभौर क्षेत्र की स्वच्छता और पर्यटन स्थलों की सुंदरता बनाए रखने में भी सहायक होगी। पारंपरिक तरीकों की तुलना में यह तकनीक अधिक तेज, कम लागत वाली और पर्यावरण के अनुकूल है।
जिले में कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। ग्राम पंचायत खिलचीपुर के रिसोर्स रिकवरी सेंटर पर ब्लैक सोल्जर फ्लाई आधारित जैविक कचरा प्रबंधन तकनीक लागू की गई है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नगर विकास न्यास सचिव ने जिला कलक्टर काना राम के मार्गदर्शन में इस तकनीक का शुभारंभ किया। यह पहल राजस्थान में अपनी तरह की पहली अनोखी पहल है, जिसके माध्यम से जैविक कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल निस्तारण कर उसे उपयोगी संसाधनों में बदला जाएगा।
कचरे की मात्रा में आएगी कमी
इस तकनीक से भोजन अवशेष, फल-सब्जियों के छिलके और अन्य गीले कचरे को ब्लैक सोल्जर फ्लाई के लार्वा से तेजी से विघटित किया जाएगा। इससे कचरे की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आएगी और उसे जैविक खाद तथा प्रोटीन युक्त पशु आहार जैसे संसाधनों में परिवर्तित किया जा सकेगा। यह प्रक्रिया पारंपरिक कचरा प्रबंधन की तुलना में अधिक तेज, कम लागत वाली और पर्यावरण के अनुकूल है।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के लिए यह नवाचार विशेष महत्व रखता है। पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों से उत्पन्न जैविक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण संभव होगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की स्वच्छता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
हैदराबाद से मंगवाई विशेष ब्लैक सोल्जर फ्लाई
यह पहल भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक प्रभावी मॉडल बन सकती है। इसके लिए हैदराबाद से विशेष ब्लैक सोल्जर फ्लाई मंगाई गईं, जिन्हें खिलचीपुर के कचरा संग्रहण केंद्र पर छोड़ा गया।
इनका कहना है...
सवाईमाधोपुर से राजस्थान में पहली बार ब्लैक सोल्जर फ्लाई आधारित जैविक कचरा प्रबंधन की अभिनव पहल की गई है। यह तकनीक स्वच्छता और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और रणथंभौर क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने में सहायक होगी।
गौरव बुड़ानिया, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, सवाईमाधोपुर